आईजीएमसी में खराब लिफ्ट बनी परेशानी, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को स्ट्रेचर सहित सीढ़ियों से ले जाना पड़ा सीसीयू
Faulty lift at IGMC causes trouble
शिमला। Faulty lift at IGMC causes trouble, हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आइजीएमसी) में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की हकीकत शनिवार को सामने आ गई। राज्यसभा सदस्य हर्ष महाजन की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल लाया गया, लेकिन उन्हें भी लिफ्ट की सुविधा नहीं मिल सकी। उन्हें जब आपातकालीन से सीसीयू में शिफ्ट किया गया तो अस्पताल की लिफ्ट खराब होने के कारण सीढ़ियों से स्ट्रेचर पर उठाकर ले जाना पड़ा।
महाजन को डी ब्लाक की पहली मंजिल के सीसीयू में शिफ्ट किया था, लेकिन यहां लिफ्ट खराब होने के कारण सीसीयू तक सीढ़ियों के रास्ते ले जाना पड़ा। आइजीएमसी की व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शनिवार सुबह भाजपा के एक कार्यक्रम के दौरान हर्ष महाजन की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल उपचार के लिए आइजीएमसी लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि संबंधित लिफ्ट काम नहीं कर रही थी। ऐसे में उनके साथ मौजूद समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें स्ट्रेचर पर ही उठाकर सीढ़ियों के रास्ते वार्ड तक पहुंचाया। महाजन के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्हें वार्ड तक पहुंचाने में अधिक दिक्कत नहीं आई।
अन्य मरीज क्या करें
हालांकि इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि ऐसी स्थिति किसी सामान्य मरीज के साथ होती तो इसके साथ केवल एक-दो तीमारदार होते, तो गंभीर मरीज को सीढ़ियों से वार्ड तक ले जाना कितना मुश्किल होता। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि लिफ्ट ठीक करने का काम चल रहा है। जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा।
सबसे ज्यादा मरीज पहुंचते हैं आईजीएमसी
आइजीएमसी प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल है, जहां रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे अस्पताल में लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा का बंद होना मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रदेश के वीआईपी मरीज को भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, तो आम मरीजों की परेशानी का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से लिफ्ट सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को हर समय सुचारू रखने और खराब होने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है।